विश्व विराट ज्ञान आश्रम

आश्रमका मुख्य संस्थापक तथा सञ्चालकहरू

विश्व विराट ज्ञान आश्रम - 2080 - 2090

आश्रमका मुख्य संस्थापक तथा सञ्चालकहरू
गंगादास

गंगादास

प्रमुख संरक्षक (पिठाधिस) |

पं. वेदप्रसाद पन्थ

पं. वेदप्रसाद पन्थ

संरक्षक एवं संस्थापक अध्यक्ष |

डा. बद्री पोख्रेल

डा. बद्री पोख्रेल

संरक्षक एवं अन्तर्राष्ट्रिय अध्यक्ष |

पं. विपिन कृष्ण भट्टराई

पं. विपिन कृष्ण भट्टराई

संरक्षक |

शालिकराम उपाध्याय घिमिरे

शालिकराम उपाध्याय घिमिरे

संरक्षक एवं अभियान प्रमुख |

सत्यवती अर्याल

सत्यवती अर्याल

संरक्षक एवं उपाध्यक्ष |

देवी अभियान

देवी अभियान

प्रचारिका |

भारत राज गिरि

भारत राज गिरि

अध्यक्ष (गण्डकी प्रदेश प्रमुख) |

डाइमण्ड जोशी

डाइमण्ड जोशी

अध्यक्ष (कर्णाली प्रदेश प्रमुख) |

जीवन राज दाहाल

जीवन राज दाहाल

अध्यक्ष (कर्णाली प्रदेश प्रमुख) |

हरिकला बि.सी.

हरिकला बि.सी.

अध्यक्ष (सुदुरपश्चिम प्रदेश प्रमुख) |

यादव गेलाल

यादव गेलाल

संरक्षक एवं उपाध्यक्ष |

उद्धवकुमार घिमिरे

उद्धवकुमार घिमिरे

संरक्षक एवं महासचिव | 9851030972

हिमालय गौतम

हिमालय गौतम

सचिव |

गणेश कुमार गिरी

गणेश कुमार गिरी

सह–सचिव |

डा. श्यामप्रसाद न्यौपाने

डा. श्यामप्रसाद न्यौपाने

सदस्य |

प्रा. रमेशप्रसाद ढकाल

प्रा. रमेशप्रसाद ढकाल

सदस्य |

डा. हरिहर प्रदीप घिमिरे

डा. हरिहर प्रदीप घिमिरे

सदस्य |

हृषिकेश भारद्वाज

हृषिकेश भारद्वाज

सदस्य |

गोपाल पि.डि. शर्मा पन्थ

गोपाल पि.डि. शर्मा पन्थ

सदस्य |

हिरादेवी नेपाल

हिरादेवी नेपाल

सदस्य |

विष्णुप्रसाद ढकाल

विष्णुप्रसाद ढकाल

सदस्य |

दिनेश कार्की

दिनेश कार्की

अमेरिका प्रमुख |

महेश्वर घिमिरे

महेश्वर घिमिरे

सदस्य (अमेरिका) |

राजेश्वर घिमिरे

राजेश्वर घिमिरे

सदस्य (अष्ट्रेलिया प्रमुख) |

पल्लवी घिमिरे

पल्लवी घिमिरे

सदस्य (युरोप प्रमुख) |

गगन प्रसाद पन्थ

गगन प्रसाद पन्थ

अध्यक्ष (लुम्बिनी प्रदेश प्रमुख) |

कुञ्जन नेपाल

कुञ्जन नेपाल

अध्यक्ष (बागमती प्रदेश प्रमुख) |

वैकुण्ठ सापकोटा

वैकुण्ठ सापकोटा

सदस्य |

टिका बहादुर गुरुङ

टिका बहादुर गुरुङ

सदस्य |

राम बहादुर भुजु श्रेष्ठ

राम बहादुर भुजु श्रेष्ठ

सदस्य |

टंक नाथ कुँड्केल

टंक नाथ कुँड्केल

अध्यक्ष (कोशी प्रदेश प्रमुख) |

नारद मणि पौड्याल

नारद मणि पौड्याल

संरक्षक |

कुनै पनि पुरानो समिति हरु फेला परेनन्